Thursday, February 28, 2019

गजल

अब रुकना नही मोदी जी

ऐसा न हो शहीदो की शहादत को भूल जाए
पुलवामा को भूल अभिनंदन मे लग जाए

कुछ वतन परसतो की बातो मे  हम लगकर
घाटी मे शांति के कबूतर उडाने मे लग जाए

भूलकर पाकिस्तानीयो की काली करतूतों को
  हम आतंकवादीयो की खिदमत मे लग जाए

निकले थे नेसनाबूत करने को जड़ से जिनहै
उन्हे फिर से हम  पालने पोसने मे लग जाए

कांगेस बीजेपी की राजनीति के चक्कर मे
 कही  हम अपने राष्ट्रीय धर्म को न भूल जाए

झूकने नही  देना श्रीकांत देश को मोदी जी
 देश द्रोहीयो की फोज चाहे धरने पर बैठ जाए

मनोज दुबे श्रीकांत

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