मै जब होऊ गणित मैं
मै जब होऊ अंक गणित तुम रेखा बन जाना
जीवन के गुणा भाग मे दशमलव बन जाना
मै जोड़ घटाना सा होता रहू जब कभी कभी
तुम सम और विषम की संख्या बन जाना
मै वृत आयात त्रिभुज चतुर्भुज सा हो जाउ जब
तुम टिगनामेटरी जयामितीय सांख्यिकी बन जाना
मै दूरी समय गति और वेग का पैमाना बनू जब
तुम मापने को उन्हे मात्रा की इकाई बन जाना
मै बनू जब अंकगगणित समाकलन बीज गणित
तुम गणितज्ञ की परिभाषा और थयोरम बन जाना
कर लेगा हल श्रीकांत जीवन के सब गणित पल में
तुम गणित के उत्तर की सरल सहज रीति बन जाना
मनोज दुबे श्रीकांत
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