तुम्हारे सिवाय कोई ओर नही
तुम्हारे सिवाय कोई और नही
तुम्हारे से अनुपम कोई और नही
आता हूं जब भी पास ही तुम्हारे
तुम्हारे से अलग कोई ठौर नही
जानते हो तुम कोन हो मेरे लिए
अनमोल तुमसे कोई और नही
कह लेता हूँ मन भर के तुमसे ही
ओर किसी पर कोई जोर नही
दे दे बस खुशी के दो पल श्रीकांत
मांगता हूँ थोड़ा तुमसे कोई मोर नही
तुम्हारे सिवाय कोई और नही
तुम्हारे से अनुपम कोई और नही
आता हूं जब भी पास ही तुम्हारे
तुम्हारे से अलग कोई ठौर नही
जानते हो तुम कोन हो मेरे लिए
अनमोल तुमसे कोई और नही
कह लेता हूँ मन भर के तुमसे ही
ओर किसी पर कोई जोर नही
दे दे बस खुशी के दो पल श्रीकांत
मांगता हूँ थोड़ा तुमसे कोई मोर नही

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