बजट
वो पिटारा सा लेकर आए हैं
कि बजट पेश करने आए हैं
नए नए रंग और नए तराने
योजनाए कई लेकर आए हैं
अमीर मिडिल वर्ग किसान गरीब
सबकी पो बारह लेकर आए हैं
हुआ कुछ सस्ता महँगा सामान
कुछ नया पैगाम लेकर आए हैं
भर गई कई की झोलिया खाली
चुनावी बजट जो लेकरआए हैं
ताने देता रहे विपक्ष कितने ही
सरकार बजट लेकर आए हैं
कर दिया चारो खाने चित श्रीकांत
मोदी जी नया दाव लेकर आए हैं
मनोज दुबेश्रीकांत
वो पिटारा सा लेकर आए हैं
कि बजट पेश करने आए हैं
नए नए रंग और नए तराने
योजनाए कई लेकर आए हैं
अमीर मिडिल वर्ग किसान गरीब
सबकी पो बारह लेकर आए हैं
हुआ कुछ सस्ता महँगा सामान
कुछ नया पैगाम लेकर आए हैं
भर गई कई की झोलिया खाली
चुनावी बजट जो लेकरआए हैं
ताने देता रहे विपक्ष कितने ही
सरकार बजट लेकर आए हैं
कर दिया चारो खाने चित श्रीकांत
मोदी जी नया दाव लेकर आए हैं
मनोज दुबेश्रीकांत
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