भारतीय सैनिको की वीरता को
शत शत नमन
विमान थे सो उड़ चले
विमान थे सो उड़ चले
वीर बाके चल दिए
बर्बाद करने दुश्मन को
मोत का सामान लिए
मेघ सा गर्जन किए
दामिनी की चमक लिए
दहकाने को दुश्मन को
अग्नि देव का रूप लिए
समझ सके न भाप सके
दुश्मन हमको माप सके
सरहद पार जब उड चले
पवन देव का वेग लिए
वीरता ओर सौरय लिए
भारत मा की आन लिए
शहीदो की शहादत का
बदला लेने के लिए
भेदने को भेद दिए
टार्गेट पूरे कर दिए
मोत बाटने वालो को
मोत बाटकर चल दिए
मनोज दुबे श्रीकांत
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