Thursday, February 14, 2019

गजल


                          एक फूल तेरे लिए 



एक  लाल फूल गुलाब का तुम्हारे लिए 
मेरा सर्वस्व समर्पण बस तुम्हारे लिए

काटो में घिरी रहे चाहे मेरी जिंदगी 
सुख के बरगद की छाव तुम्हारे लिए 

तेरे सिवा नही है कोई मेरा यहा पर
गली मोहल्ला  और शहर तुम्हारे लिए 

सांस सांस पर लिखा  बस नाम तेरा ही
दिलो जान तुम और धडकन  तेरे लिए

मै प्रेम का संदेश फैलाता कोई नगमा सा
वैलैनटाइन डे  का तोहफा तुम्हारे लिए 

चलता रहा श्रीकांत कई जनमो से साथ 
 इस बार भी साथ  मेरा सिर्फ तुम्हारे लिए 

मनोज दुबे श्रीकांत 

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