Tuesday, June 30, 2020

गजल


                            पत्नी जब घर आएगी
       

         बहुत दिनो बाद पत्नी मायके से फिर आएगी
         बड़बड़ाते हुए मेरा  सारा घर फिर  जमाएगी

       मै घर मे न रहू  तो तुमहारा काम न चले बिलकुल
          नोकरानी हू क्या घर  इस की फिर  फरमाएगी

         निकालेगी कचरा घर के  कोने कोने का झाड़ू से
        मैले कपड़ो  धोकर  घड़ी करके   फिर जमाएगी

        अलमारी अस्त व्यस्त बिखरी बिखरी देखकर के
       बच्चो के साथ साथ मुझ पर फिर  बिफराएगी

         फिर जाकर किचिन देखेगी क्या है या नही
     राशन की लिस्ट सब्जी का झोला फिर  थमाएगी

      बनाकर गरमा गरम रोटी सबजी और  दाल चावल
     खाना खा लो जी आज  किचिन से फिर  चिल्लाएगी

        सच पूछो तो श्रीकांत उसके मायके से आने पर
         शात से घर आंगन मे  रौनक  फिर  बरसाएगी


                            मनोज दुबे श्रीकांत



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