Saturday, March 2, 2019

कविता

हाल मेरे देश का बदला है दोसतो
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हाल मेरे देश का कुछ बदला है दोसतो
 खौफ नही जीत का जोश है दोसतो
सौर्य है ताकत है साहस है मन मै
मिटाने को दुश्मन कोसंकल्प है दोसतो

तेजस है मिराज है सुखोई साथ मे
उडने को अनंत आकाश है दोसतो
करने को दो दो हाथ दुश्मन से
फोलाद सा हमारा सीना है दोसतो

अग्नि है आकाश है प्रथवी है साथ मे
साधने को अचूक टार्गेट है दोसतो
धरती आकाश और सागर की लहरों पर
सेना की पदचाप का सोर है दोसतो

गुलाब है  कमल  है पंजा है साथ मे
शांति का कबूतर और बंदूक है दोसतो
लडलै वोट पर एक दूसरे से दिखाने को
देश के लिए  हम सब एक है दोसतो

 बदूक है टैक है तोप है मिसाइल
गर्जना करने को गोला बारूद है दोसतो
मिटाने को  जैश आतंकी पाकिस्तान को
हिन्दुस्तानियो का जज्बा ही काफी हे दोसतो

मनोज दुबे श्रीकांत

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