अखबार वाला
समाचार जाने कितने दे गया
वो सुबह सुबह अखबार दे गया
हर खबरो का समावेश था उसमे
दुख सुख वो सब साथ दे गया
राजनीति साहित्य और समाज
ज्ञान विज्ञान खेल की बाते दे गया
साथ रंग बिरंगा सतरंगी सा पन्ना
नए विज्ञापनों का पैगाम दे गया
आवश्यकता के कालम के संग
किसी नोकरी का अरमान दे गया
देश विदेश प्रदेश क्षेत्र की खबरे
वो चंद पन्नो मे घर बैठे दे गया
दैखतै है उठकर सुबह से पंचाग
किशमत के नए कनैक्शन दे गया
साधने को गृह नक्षत्र सबके
हर रोज का राशि फल दे गया
चंद पन्नो मे छपे शब्द श्रीकांत
वो अखबार मे दिन के रंग दे गया
मनोज दुबे श्रीकांत
Bahut Shandar.
ReplyDeleteधन्यवाद
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