Friday, March 15, 2019

लोक गीत

सखी जब  जब चुनाव आए जात है
कन्फ्यूज हम होए जात

बी जेपी कांगेस को रोल
वादे हो रहे गोलमगोल
सपा बसपा को लोटा गोल
मेनिफेसटो पर धूल पड़ी जात है

राहुल सोनिया के हाल बेहाल
अखिलेश माया उलझे मकडजाल
मोदी शाह हो रहे खुशहाल
ममता केजरी के प्राण सूखत जात है

सखी जब जब चुनाव आए जात है
कन्फ्यूज हम होए जात

सुप्रीम कोर्ट की जय जय कार
सरजीकल स्ट्राइक  की मार
आतंकी की मची जूतम पैजार
हाल पाकिस्तान को कहो नही जात है

सखी जब जब चुनाव आए जात है
कन्फ्यूज हम होए जात है

चिल्ला चिल्ला के मर गए सारे
टुकडा टुकड़ा गेंग जुड गए सारे
जुड गकर फिर बिखर ग ए सारे
मोदी की जीत इनसे पची न जात है

सखी जब जब चुनाव आए जात है
कन्फ्यूज हम होए जात है

देवे अपनो कोन को वोट
हर एक हम पर कर रहे चोट
नेता सबमे एकई खोट
 जनतंत्र लोक तंत्र मे पिस पिस जात है

सखी जब चुनाव आए जात है
कन्फ्यूज हम होए जात है








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