दर पर आने से पहलै अपना बटूआ नही दिल खोल लेना
मै नही तेरे रूपयो दो रूपयो का भूखा वो गरीबो को दे देना
मेरे दर पर दान देने वालो की लाइने लगी है लंबी और चोडी
तेरी सीरत को जरा उनकी सीरत से मिलाकर के देख लेना
ये दिखावै का दान धर्म प्रसाद मिन्नते रखले पास अपने ही
कभी कभी खाली हाथ दर पर मेरे आकर के देख लेना
मै कर दूँगा हिसाब तेरा सब दिया लिया बराबर अब तक
फुर्सत मिलेगी दुनिया से तुझे तब मुझसे चैन से मिल लेना
लिखा रखा है मैनै लेख क ई जनमो का अपने बही खाते मे
अपने नसीब का ही तु हर जन्म मे मुझसे आकर के ले लेना
तु खीज लेना चिल्ला लेना कह देना मुझे भला बुरा क ई बार
सबक पिछले जन्म के कर्मो का एक बार तू देख लेना
मै तुझे दे सकता हूं स्वर्ग नर्क लोक परलोक धन दोलत सब
बस एक बार दू छोड छाड के सब विकार मुझे अपना लेना
भगवान होते है अदितवीय अदभुद अतुलनय अनंत श्रीकांत
कभी प्रेम से तू उन्हे अपना बनाकर के एक बार देख लेना
वो आएगै दोडे चले हरने को तेरे दुख दर्द और क्लेश सारे मन
कभी एक बार उन्हे अपने सच्चे मन से पुकार के तु देख लेना
मनोज दुबे श्रीकांत
मै नही तेरे रूपयो दो रूपयो का भूखा वो गरीबो को दे देना
मेरे दर पर दान देने वालो की लाइने लगी है लंबी और चोडी
तेरी सीरत को जरा उनकी सीरत से मिलाकर के देख लेना
ये दिखावै का दान धर्म प्रसाद मिन्नते रखले पास अपने ही
कभी कभी खाली हाथ दर पर मेरे आकर के देख लेना
मै कर दूँगा हिसाब तेरा सब दिया लिया बराबर अब तक
फुर्सत मिलेगी दुनिया से तुझे तब मुझसे चैन से मिल लेना
लिखा रखा है मैनै लेख क ई जनमो का अपने बही खाते मे
अपने नसीब का ही तु हर जन्म मे मुझसे आकर के ले लेना
तु खीज लेना चिल्ला लेना कह देना मुझे भला बुरा क ई बार
सबक पिछले जन्म के कर्मो का एक बार तू देख लेना
मै तुझे दे सकता हूं स्वर्ग नर्क लोक परलोक धन दोलत सब
बस एक बार दू छोड छाड के सब विकार मुझे अपना लेना
भगवान होते है अदितवीय अदभुद अतुलनय अनंत श्रीकांत
कभी प्रेम से तू उन्हे अपना बनाकर के एक बार देख लेना
वो आएगै दोडे चले हरने को तेरे दुख दर्द और क्लेश सारे मन
कभी एक बार उन्हे अपने सच्चे मन से पुकार के तु देख लेना
मनोज दुबे श्रीकांत
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