लाक डाउन मे
लॉक डाउन में बस घर में पड़े हैं
बात पर हम अपनी ऐसे अड़े हैं
सुना देती है वह अपनी और हम भी
दिन में कई बार उससे लड़े हैं
मनाने को दिन मे कई बार उसे
हुकूम पर उसके हमेशा खड़े हैं
निकालने को सामान रखा ऊंचा
कहने पर कई बार टंट पर चढ़े हैं
हाथ सफलता मे श्रीकांत पत्नी का
उसी के दम पर ही हम आगे बढ़े हैं
मनोज दुबे श्रीकांत
लॉक डाउन में बस घर में पड़े हैं
बात पर हम अपनी ऐसे अड़े हैं
सुना देती है वह अपनी और हम भी
दिन में कई बार उससे लड़े हैं
मनाने को दिन मे कई बार उसे
हुकूम पर उसके हमेशा खड़े हैं
निकालने को सामान रखा ऊंचा
कहने पर कई बार टंट पर चढ़े हैं
हाथ सफलता मे श्रीकांत पत्नी का
उसी के दम पर ही हम आगे बढ़े हैं
मनोज दुबे श्रीकांत

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