Wednesday, April 15, 2020

कामगार

घर का कामगार

लाकडाउन मे बेरोजगार हो गया हूँ
घर मे पत्नी  का कामगार हो गया हूँ

झाड़ू पोछा से लेकर के कपड़े तक
गृहस्थी  अब आधार का हो गया हूँ

जैब से हो गया हूं  मै बिल्कुल कडका
रोटी संग राई का  अचार हो गया हूँ

ताने मिल रहे  अब पत्नी और बच्चो से
सो सुनार की एक लोहार हो गया हूँ

दुबले पर दो आषाढ से भारी है दिन
लंबे कार्यक्रम का आभार हो गया हूँ

बोलने पर भी बोलते नही श्रीकांत
 किसी दुकान दार का उधार हो गया हूँ

मनोज दुबे श्रीकांत

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