Monday, July 6, 2020

अपनी गजल

                           अपनी गजल
         


               


कुछ अजब गजब  अपनी गजल
 रदीफ काफिया की अपनी गजल

बंधकर के बहर मे जो निकली
घर की बहू बेटी सी अपनी गजल

मिश्रा मक्ता और सेर  ए  शायरी
 मोहबबत की खुशियां अपनी गजल

झुमकती ठुमकती लाजाती शरमातीम
इठलाती बलखाती अपनी गजल

निकलती सज सवरकर जब  श्रीकांत
सारे शहर की जान अपनी गजल

मनोज दुबे श्रीकांत

1 comment:

व्यंग

 [12/9/2020, 11:56 AM] Manoj Dubey: आन लाईन कलास का पंगा  कल आन लाईन कलास मे  हमने कैमरा आन करने का  बोला कुछ छातरो का  मन भय से डोला  पंद्र...