Saturday, May 16, 2020

कविता









     लाकडाउन के बाद शहर घूमकर आऊंगा
     



देख लूंगा अपने शहर को आज फिर मन भर के
खुलेगा लाक डाउन तो फिर मै घूमने जाऊंगा
 गली मोहल्ला  रोड चौक चौराहा शहर का 
चप्पा चप्पा  तसल्ली से घूम कर आऊंगा देखूंगा

बहुत दिनो बाद नर्मदा जी मे कूद कूद कर नहाऊंगा
कोरोना की मुक्ती के लिए मनोती मांग आऊंगा
घंघरा फरिया पान प्रसादी चढ़कर के मा नर्मदा को
लाकडाउन के बाद साष्टांग प्रणाम करके आऊंगा


 शहर को अच्छे से घर से निकल कर पर्यटन घाट से
 होकर मोड़ चली चौक होता हुआ बाजार जाऊंगा
 होटल नाश्ते की केला  गुप्ता जी की खुली है या नहीं देखकर 
 अग्रवाल जी नाश्ता कर लाल सिंह जी की चाय पीने जाऊंगा

 घूमूगा  बाजार की एक एक दुकान  आज मै सारी 
चप्पल खरीदने अनिल और मनसा बूट हाउस जाऊंगा
 फिर खरीदूंगा भास्कर से कुछ कपड़े अपने और बच्चो के
पूछने को दाम फैशन हाउस और मंगलम जाऊंगा फिर

 लूंगा सब्जी मंडी से सब्जियां लेने को फल सत रस्ते जाऊंगा
लौटते मेंअपने स्कूल पंडित रामलाल शर्मा को देखूंगा कुछ प
एसएनजी गर्ल्स स्कूल की रोड से वापस घर आऊंगा शाम को घूमने बस स्टैंड से होता हुआ रामजी बाबा की समाधि जाऊंगा

 फिर निकालूँगा  रैलवै स्टेशन के लिए वहां से सुसताकर
 बैठ कर ट्रेन की छुक छुक आवाज सुनकर  वापस आऊंगा
फिर खरीद लूंगा कुछ टोस बिस्किट ब्रेड सुंदरम गोवर्धन बेकरी से घमंडी लस्सी पर फ्रूट जूस और लस्सी पी कर आऊंगा

फिर शाम को मंदिर में काले महादेव खेड़ापति के मत्था टेक सेठानी घाट से फिर  बांके बिहारी राधा वल्लभ मंदिर जाऊंगा
रुकूंगा दो पल को पंडित जी की छोला टिकिया के पास अग्रवाल पुरी भंडार के सेव लेकर फुलकी खाऊंगा

 रात का खाना खाऊंगा बैठकर तसल्ली से परिवार के साथ
 देर रात फिर पर्यटन  घाट की रोड पर टहलने जाऊंगा
सच बेखौफ घूमूगा दिन भरबिना डरे कोरोना ओर पुलिस से
देर रात रामायण  महादेव देख कर फिर सोने जाऊंगा


मनोज दुबे 

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