बेटे का रिजल्ट और कुत्ते का गुस्सा
बेटे का रिजल्ट और कुत्ते का गुस्सा
हमारे बच्चे के रिजल्ट आने
के पहले मै डाटे जा रहा था
यह देख हमारा कुता
बहुत ही बेचने हुआ जा रहा था
वो कभी कभी मुझे देख कर
गुर्रा रहा था कभी दुम
हिलाता मेरे पास आ रहा था
तू टेस्ट तिमाही छह माही मे
फेल हुआ तो हुआ प्री बोर्ड
मे भी फेल हो गया मैने
बनाना चाहा होशियार इंटेलीजेंस
पर गधा हीरहा तू स्कूल
कोचिंग जाकर भी कुछ नही कर पाया
हिंदी अग्रेजी को छोड़
किसी अन्य विषयों मे भी
पास न हो पाया
मै तुझे साईंस से
पढ़ाकर डाक्टर इंजीनियरिंग या
प्रोफेसर बनाना चाह रहा था
मगर तु आर्ट्स कामर्स से भी बेकार
बेरोजगार सा हुआ जा रहा था
बता तेरे साथ क्या करू
किस प्रकार से तुझे समझाया करू
क्या तेरी अक्ल पर पत्थर पड गए है
या तुझे पढाने वाले शिक्षक गोण हो गए है
अब तुझे और आगे नही पढाऊंगा
अपने पैसे व्यर्थ नहीं गवाउंगा
हमारी इस बात पर हमारे कुत्ता
से रहा नही हमे टोकते हुए
उसने प्रश्न किया फैल पास होने पर
आप भैया पर इतना मत झललाईये
उसकी पढाई बंद मत कराईये
वह आगे कुछ अच्छा कर जाएगे
इस बार फैल हुए है अबकी पास हो जाएगे
वैसे आपने भी पढकर कहा के
तीर मार लिए है डिग्रियों के ढेर
अटैची मे लगा रखे है
बाबू जी डिग्रियों से
हुनर बेहतर होता है प्राइवेटनोकरी से
सरकारी रूजगारअच्छा होता हैं
मैने कहा अब
हमे तू भी सीख देने लगा है मेरी
घरेलू बातो मे दखलंदाजी करने लगा है
तेरी यह आदत मुझे बिल्कुल
अच्छी नही लगती है.
बात बात पर तेरी सीख
मेरे मन मे खटकती है
अगले दिन स्कूल से
आने पर मेरा कुत्ता और बेटा दोनो
मिठाई खा रहे थे
यू समझो की मुझे चिढा रहे थे
मैने उन्हे टोकते हुए श्रीमती जी
से पूछ ही लिया भैया ये
आज घर मे खुशिया किसकी
मन रही है आखिर किस बात पर
मिठाईया उड रही है
मेरी इस बात पर श्रीमती मुसकुराई
आपका बेटा बारहमाई परीक्षा
के रिजल्ट मे पास हो गया है फरमाई
मेरे परिवार के हर सदस्य के साथ
मेरा कुत्ता भी आज भरपूर गर्रा रहा था
मेरा रिजल्ट की पूर्व संध्यशा का गुस्सा
काफूर हुआ जा रहा था
मनोज दुबे श्रीकांत

No comments:
Post a Comment