Friday, January 3, 2020

कुत्ता का गुस्सा

हमारे घर के कुत्ते ने हमे काट लिया
यह देख हमारा माथा ठनक
 गया हमने उसे चमकाया
 डाटते हुए धमकाया
नालायक हमारे घर की 
खाकर हमे ही आख दिखाता है 
किसी और को नही हमे ही काटता है 
क्या तू आजकल नमक 
हराम हो गया है या हमारे 
लाड प्यार टुकड़े को भूल गया है
 जा भाग जा तेरे को जहा जाना 
हो वहा जा मेरे घर मे। 
कल से मुह न दिखा 
मेरी इस बात पर वह डरने लगा 
आख मे आसू ला कहने लगा 
भैया तुम मेरी जरा सी गलती 
पर ही मुझे घर से भगाने लगे 
एक दात लगने पर ही हंगामा करने लगे
दुबे जी मेरे देश के कुछ लोग 
भी आज मेरे देस के लोगो 
को मार काट रहे हैरह रहे है। 
यहा मगर बात कही 
ओर की कर रहे हैं उनके 
लिए क्या आपका कोई उसूल 
कानून नही है या आप उन
 पर कार्यवाही या देश से 
निकालने के काबिल नही है 
आजादी के नाम पर देश मे
 यह सब क्या चल रहा है। 
दंगे फसाद देख देख कर 
मेरा खून जल रहा है मेरी। 
गलती माफ कीजिए दुबे जी। 
 और जाकर अपना घर गृहसती। 
का काम कीजिए दुबे जी तुम्हे 
सिर्फ हम कुत्तों के ऊपर ही। 
शेर बनना आता है देश हित 
के नाम पर तुम्हारा 
 खून  जाने क्यू सूख जाता है 
थोड़ा सा अपना शेर पना देश 
के गद्दारों को भी दिखा दीजिए। 
हम कुत्तों पर कब तक सनक
 कर घर से भगाते रहेगे
 कुछ मेरे देश के दुश्मन को
 भी  देश के घर से भगा दीजिये

मनोज दुबे श्रीकांत 

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