Saturday, August 8, 2020

कविता

मल्टी सब्जेक्ट स्पेशलिस्ट

कल घर के सामने ऐक गधा
जोर जोर से रैक रहा था।
जाने वो क्या कहने की सोच रहा था
फिर उसने हद ही कर दी



घर के गेट पर दो लतती जड दी
मै ताव  मे लठ लेकर घर से बाहर आया
गुससै मे उससे फरमाया
अबे गधे जाता है
कि दो चार लठ पुटठे पर  जमाऊ
अपनी पिछली बार वाली
औकात पर आऊ
वह बोला भैया मेरे गले
एक बात हजम नही  हो रही है
और आपकी कोचिंग मे आजकल
 हर विषय की पढ़ाई हो रही है
आपके बोर्ड की डिग्रियां भी
 मेरे पल्ले नही पड रही है
B A BSc BCom MA M Sc M Com
सब  ऐक सी  लग रही  है
इतनी सारी डिग्रियों के नाम
और बोर्ड देखकर मेरा सर चकरा रहा है
 ऐक शिक्षक गणित भोतिक रसायन
कामर्स आर्ट सब कैसे पढा रहा है
यही देख देख कर मेरा दिल और
  दिमाग फैल हो रहा है
मेरा गधापन दुबे जी आजकल
 सरचढ कर बोल रहा है
मैने कहा भैया आजकल
हमारी कोचिंग मे ये सब
नए नए अपाइंट हुए
शिक्षक  महोदय पढा रहे है जो
 अभी अभी  ग्रेजुएट होकर  आ रहे है
 ऐसे तो फिर दुबे जी विषय विशेषज्
 कहा  रह पाएगा और हमारा शिक्षा तंत्र
 बीरबल की खिचड़ी बन जाएगा
 अपने गधे पन का ऐक आईडिया
आपको भी दिए जा रहा हूं
 और अब आपके बोर्ड के  नीचे
मल्टी सब्जेक्ट स्पेशलिस्ट लिखा जा रहा हूँ

मनोज दुबे श्रीकांत

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