Wednesday, March 11, 2020










        कोरोना का कोटि कोटि प्रणाम है



कल कोरोना वाइरस
अचानक मुझे घूमते फिरते मिल गया
और उसने मुझसे चोकते हुए प्रश्न किया
बोला भाई साहब मै जिस जिस देश  गया
 वहा सन्नाटा सा फेल गया
लोगो की जिंदगी को यू साफ सूंघ गया
लोग बाग घर से नही निकलते थे
मास्क लगाकर घूमते थे
हाथ नही मिलाकर हाथ जोडकर या पैर मिलाकर अभिवादन करते थे
छींकने खासने पर रूमाल रखते थे
और तो और भाई साहब जरा सर्दी
जुकाम होने पर डाक्टर को दिखाते थे
मगर भाई सा हब आपके देश के
लोग बिल्कुल बिंदास है
उन्हे लगता है कोरोना से डर ही नही है
मै तो सोच रहा था अन्य देशो के समान
सडकें खाली कर दूंगा
 लोगो के मन मे भय भर  दूंगा
मास्क से सबके चेहरे ढक कर
 दवाई सेनेटाईजर की बिक्री बढा दूंगा
 मगर  मै  भाई साहब आश्चर्य चकित हू
तुम भारतीय लोगो के बिदासपन से दंग हू
  हा कोरोना भाई हम भारतीय का
 बिंदास पन जग जाहिर है
हम इसी अंदाज के लिए ही
माहिर है हमे किसी बाहरी चीज से
 फर्क नही पडता है मगर
अपने देश की बात का ही दंश लगता है
 हम राजनीति समस्या से ही पीडित रहते है
जैसे तैसे अपनी जिंदगी जीते हैं
भूख गरीबी लाचारी  की समस्या
तुमसे भारी लगती है और हमारी
जिंदगी बिना किसी खौफ
 से बिंदास चलती है हमने
 अंग्रेज डच फ्रांसिसी और न जाने
कितनों को अपने बिंदास
 अंदाज का परिचय दिया है
इन्हे अपने देश से खदेड़ बाहर किया  है
अब तुम अदने से वाइरस कहा
लगते हो हमारी रफ एंड टफ
जिंदगी मे कहा तक टिकते हो
 कोरोना बोला भाई साहब होली की धूम
 और तुम्हारे साहस के रंग ने
मेरा ही रंग उडा दिया
जग को ला रहा था रोना मै
 तुमने कोरोना को ही रोना ला दिया
लगता है मेरा अब यहां कोई न काम है
आप भारतीयों के बिंदास अंदाज को 
भाई साहब कोरोना का कोटि कोटि प्रणाम है

मनोज दुबे श्रीकांत

No comments:

Post a Comment

व्यंग

 [12/9/2020, 11:56 AM] Manoj Dubey: आन लाईन कलास का पंगा  कल आन लाईन कलास मे  हमने कैमरा आन करने का  बोला कुछ छातरो का  मन भय से डोला  पंद्र...