Sunday, October 18, 2020

कविता

 जन्म दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं पुत्र

ईश्वर सदा तुम्हारी कामनाएँ पूरी करे

ईसी आशीर्वाद के साथ समस्त दुबे परिवार 


तुम सदा ही रहना आगे 

.

पुत्र  तुम सदा रहना आगे ही आगे

पीछे मुडकर कभी मत देखना

देकर के ध्यान न किसी बातो पर 

अर्जुन  सा  बन लक्ष्य अपना साधना


मत डिगना तुम तूफान झंझावातो मै

अडिग अटल हिमालय से रहना 

हारकर बैठना न कभी समसयाओ से 

साहस सौर्य धैर्य से डटे ही रहना


रहना दृढ़ संकल्पित मन मे सदा 

सुख दुख से कभी विचलित न होना 

कहे कुछ भी चाहे  जमाना तुमसे 

पर बात सदा तुम मन की सुनना


मिलैंगे कई  भटकाने को राहे दो राहे

तुम सदा  मंजिल को चलते ही रहना 

 असफलताएं कभी  आ भी जाए तो 

मन से सदा मजबूत तुम रहना


अपना कर कै थोड़ा अनुशासन 

परिश्रम से अपनी किशमत लिखना 

सफलता के शिखर पर पहुचकर भी 

तनक कभी अभिमान न रखना


रहना सदा सरल सहज ही तुम 

अवगुणो से दूर रहकर  सदा सदगुणी रहना 

कहूँ कुछ यदि  कभी सिखाने तुम्हे  तो 

बातो को मेरी  अपने मन न रखना


अच्छे बुरे का  भेद बताने को  

पथ प्रदर्शक  अपना तुम मुझे समझना 

पंख हो तुम मेरे सपनो के प्रिय पुत्र 

बात जरा तुम कभी न भूलना


 साथ मेरा तुम्हे रहेगा हर पल हर जगह 

कभी तुम मुझे अलग मत समझना

देव वर सा  रहूगा  सदा साथ तुम्हारे 

पुत्र कभी  भी तुम  चिंतित न रहना


मनोज दुबे श्रीकांत

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